Ad Clicks : Ad Views :
Home / Current News in Hindi / खतरनाक प्रदूषण की आगोश में दिल वालों का शहर दिल्ली – Current News in Hindi

खतरनाक प्रदूषण की आगोश में दिल वालों का शहर दिल्ली – Current News in Hindi

/
/
488 Views

Current News in Hindi – करंट न्यूज़ इन हिंदी

Delhi Pollution News – भारत की सूरत कहें या कहें देश की राजधानी, जिसे देख दुनिया इंडिया की तस्वीर दिलोदिमाग पर बनाती है… वो दिल्ली बीमार है। खतरनाक प्रदूषण की आगोश में दिल वालों का शहर चला गया है। बढ़ते प्रदूषण का दबाव झेलती सरकार बार-बार इसे दूर करने के लिए जरूरी कदम उठाने का वादा तो करती है पर वो दावा खोखला साबित होता है। जबकि सरकार के पास बजट की कमी तो है ही नहीं।

प्रदूषित दिल्ली / Delhi Pollution – ये समस्या कोई एक दिन या एक माह का पैदा हुआ नहीं है, इसका अंदाजा इसीसे लगाइए कि सुप्रीम कोर्ट तक ने बढ़ते प्रदूषण के होनेवाले नुकसान पर चिंता जाहिर करते हुए पर्यावरण संरक्षण के उपाय भी सुझाया था। ढाई साल पहले ही दिल्ली आने वाले ट्रकों से ग्रीन टैक्स वसूलने का आदेश दिया था, ताकि इसके उपचार की व्यवस्था की जा सके। परंतु वसुलने का जिम्मेवारी तो सरकार ने झटपट शुरू करते हुए ग्रीन टैक्स के नाम पर 787 करोड़ रुपये तो वसूल लिए मगर जब खर्च करने की बारी आई तो महज 93 लाख रुपये ही खर्च कर उंट के मुंह में जीरा को फोरन दिया। Current News in Hindi

Delhi Pollution

Delhi Pollution – खतरनाक प्रदूषण की आगोश में दिल वालों का शहर दिल्ली

Current News in Hindi – ये आंकड़े बता रहें हैं कि जो चिंता दिल्ली में बैठी सरकारों को जो आज हो रही है… वो ढाई साल पहले हो जाती तो आज जान के लाले नहीं पड़ते। इसका खुलासा तब हुआ जब आरटीआई कार्यकर्ता संजीव जैन ने प्रदूषण से परेशान दिल्ली की सरकार में आरटीआई लगाई, तो ये सच्चाई सामने आई।

प्रदूषित दिल्ली / Delhi Pollution – आरटीआई के माध्यम से सरकार से पूछा गया कि सुप्रीम कोर्ट ने ट्रकों से इनवायरमेंटल कंपनसेशन सेस (ईसीसी) लगाने का जो आदेश अक्तूबर 2015 में दिया था, दिल्ली सरकार ने कितना पैसा टैक्स के रूप में वसूला एवं टैक्स के रूपयों से कितना पर्यावरण संरक्षण की दशा-दिशा पर खर्च किया गया?

खतरनाक प्रदूषण की आगोश में दिल वालों का शहर दिल्ली – Delhi Pollution

Delhi Pollution News – दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग की ओर से मिले जवाब में ये स्पष्ट हो गया कि जो योजनाएं कागजों पर तैयार की जाती हैं, वो धरातल पर नहीं उतरती। सामने आए आकड़ों के मुताबिक सरकार ने करीब ढाई साल में 787 करोड़ रुपये वसूले मगर खर्च महज 93 लाख रुपये ही किया। जिन पैसों से दिल्ली में साइकिल ट्रैक, परिवहन व्यवस्था समेत वैसे काम करने थे, जो पर्यावरण के लिए हितकारी हो एवं प्रदूषण को कम किया जा सके। लेकिन पैसे धरे के धरे रह गए और प्रदूषण आज जानलेवा रूप अख्तियार कर लिया।

बताते चले कि सुप्रीम कोर्ट ने अक्तूबर 2015 में पर्यावरण को क्षति पहुंचाने की मूल वजह में जाकर दिल्ली आने वाले वाहनों पर ग्रीन टैक्स लगाने का आदेश दे दिया था। इसी के तहत हल्के व्यवसायिक वाहनों पर 700 रुपये और भारी वाहन पर 1300 रुपये का टैक्स जुर्माने के तौर पर वसूला था।

  • Facebook
  • Twitter
  • Google+
  • Linkedin
  • Pinterest
  • Buffer
  • stumbleupon

1 Comments

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *